Ganesh Ji Ki Aarti
Ganesh Ji ki aarti is a traditional devotional prayer centred on श्री गणेश. This page keeps the canonical aarti name, its opening line, meaning and a respectful daily practice together for devotees and families.
A quiet space for prayer, gratitude and remembranceJai Ganesh Jai Ganesh Deva
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा
यहाँ पारंपरिक शीर्षक, प्रचलित मुखड़ा और एक प्रचलित मंत्र/लघु-आवाहन का संदर्भ दिया गया है। पूर्ण पाठ और मंत्र-पाठ परिवार, मंदिर, संप्रदाय और क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं।गणेश जी मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
साफ और शांत स्थान पर अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21 या 108 बार जप करें।गणेश जी के लिए मौलिक 40-पद भक्ति रचना
गणेश जी का स्मरण कर, मन में जागे प्रकाश।
भक्ति, सेवा, सत्य से, जीवन हो उल्लास॥
करुणा की छाया मिले, दृढ़ हो मेरा मान।
मंगल पथ पर साथ दो, स्वीकारो यह गान॥
1. गणेश जी, बुद्धि के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
2. तेरे स्मरण से विघ्न-विनाश जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
3. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
मंगल आरम्भ का दीप हृदय में धारूँ॥
4. कर्म-पथ पर देना सहारा।
गणेश जी, तुम हो एकमात्र हमारा॥
5. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
6. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
7. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
8. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
9. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
10. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
11. गणेश जी, मंगल आरम्भ के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
12. तेरे स्मरण से विनय जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
13. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
बुद्धि का दीप हृदय में धारूँ॥
14. कर्म-पथ पर देना सहारा।
गणेश जी, तुम हो एकमात्र हमारा॥
15. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
16. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
17. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
18. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
19. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
20. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
21. गणेश जी, बुद्धि के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
22. तेरे स्मरण से विघ्न-विनाश जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
23. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
मंगल आरम्भ का दीप हृदय में धारूँ॥
24. कर्म-पथ पर देना सहारा।
गणेश जी, तुम हो एकमात्र हमारा॥
25. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
26. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
27. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
28. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
29. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
30. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
31. गणेश जी, मंगल आरम्भ के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
32. तेरे स्मरण से विनय जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
33. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
बुद्धि का दीप हृदय में धारूँ॥
34. कर्म-पथ पर देना सहारा।
गणेश जी, तुम हो एकमात्र हमारा॥
35. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
36. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
37. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
38. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
39. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
40. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
तन-मन-वचन सुधरें सभी, रहे सरल व्यवहार।
गणेश जी, चरणों में अर्पित यह, मेरा छोटा प्यार॥
What this prayer remembers
The prayer honours Ganesha as the remover of obstacles and the giver of wisdom, steadiness and auspicious beginnings.
How to read the aarti
Light a diya, offer durva or flowers, recite the traditional refrain with attention, and close with a quiet prayer for clarity.
- Prepare a clean, calm place and light a diya safely.
- Take a breath, remember the deity and recite the traditional opening with attention.
- Close with gratitude and carry one value from the prayer into the day.
Aarti for the right moment
Begin a new puja, festival or important work with this widely recited Ganesh aarti.
What is the traditional aarti for Ganesh Ji?
Jai Ganesh Jai Ganesh Deva is the traditional aarti title most commonly associated with this devotional form. Regional families may sing a different local version.
When should I read Ganesh Ji Ki Aarti?
Begin a new puja, festival or important work with this widely recited Ganesh aarti.
What is the meaning of Ganesh Ji Ki Aarti?
The prayer honours Ganesha as the remover of obstacles and the giver of wisdom, steadiness and auspicious beginnings.