Khandoba Maharaj Ki Aarti
Khandoba Maharaj ki aarti is a traditional devotional prayer centred on खंडोबा महाराज. This page keeps the canonical aarti name, its opening line, meaning and a respectful daily practice together for devotees and families.
A quiet space for prayer, gratitude and remembranceYelkot Yelkot Jai Malhar
येलकोट येलकोट जय मल्हार
यहाँ पारंपरिक शीर्षक, प्रचलित मुखड़ा और एक प्रचलित मंत्र/लघु-आवाहन का संदर्भ दिया गया है। पूर्ण पाठ और मंत्र-पाठ परिवार, मंदिर, संप्रदाय और क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं।खंडोबा महाराज मंत्र
ॐ मार्तण्ड भैरवाय नमः
साफ और शांत स्थान पर अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21 या 108 बार जप करें।खंडोबा महाराज के लिए मौलिक 40-पद भक्ति रचना
खंडोबा महाराज का स्मरण कर, मन में जागे प्रकाश।
भक्ति, सेवा, सत्य से, जीवन हो उल्लास॥
करुणा की छाया मिले, दृढ़ हो मेरा मान।
मंगल पथ पर साथ दो, स्वीकारो यह गान॥
1. खंडोबा महाराज, रक्षा के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
2. तेरे स्मरण से वीरता जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
3. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
लोक-आस्था का दीप हृदय में धारूँ॥
4. कर्म-पथ पर देना सहारा।
खंडोबा महाराज, तुम हो एकमात्र हमारा॥
5. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
6. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
7. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
8. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
9. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
10. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
11. खंडोबा महाराज, लोक-आस्था के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
12. तेरे स्मरण से न्याय जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
13. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
रक्षा का दीप हृदय में धारूँ॥
14. कर्म-पथ पर देना सहारा।
खंडोबा महाराज, तुम हो एकमात्र हमारा॥
15. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
16. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
17. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
18. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
19. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
20. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
21. खंडोबा महाराज, रक्षा के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
22. तेरे स्मरण से वीरता जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
23. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
लोक-आस्था का दीप हृदय में धारूँ॥
24. कर्म-पथ पर देना सहारा।
खंडोबा महाराज, तुम हो एकमात्र हमारा॥
25. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
26. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
27. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
28. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
29. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
30. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
31. खंडोबा महाराज, लोक-आस्था के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
32. तेरे स्मरण से न्याय जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
33. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
रक्षा का दीप हृदय में धारूँ॥
34. कर्म-पथ पर देना सहारा।
खंडोबा महाराज, तुम हो एकमात्र हमारा॥
35. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
36. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
37. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
38. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
39. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
40. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
तन-मन-वचन सुधरें सभी, रहे सरल व्यवहार।
खंडोबा महाराज, चरणों में अर्पित यह, मेरा छोटा प्यार॥
What this prayer remembers
The tradition remembers protection, courage, community and the living regional culture around Khandoba temples.
How to read the aarti
Follow the local temple or family custom, use respectful language and learn the context of the celebration before participating.
- Prepare a clean, calm place and light a diya safely.
- Take a breath, remember the deity and recite the traditional opening with attention.
- Close with gratitude and carry one value from the prayer into the day.
Aarti for the right moment
A regional devotional page for Khandoba worship and Jejuri-linked traditions.
What is the traditional aarti for Khandoba Maharaj?
Yelkot Yelkot Jai Malhar is the traditional aarti title most commonly associated with this devotional form. Regional families may sing a different local version.
When should I read Khandoba Maharaj Ki Aarti?
A regional devotional page for Khandoba worship and Jejuri-linked traditions.
What is the meaning of Khandoba Maharaj Ki Aarti?
The tradition remembers protection, courage, community and the living regional culture around Khandoba temples.