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श्री राम5,000 monthly searches

Shri Ram Ji Ki Aarti

Shri Ram ki aarti is a traditional devotional prayer centred on श्री राम. This page keeps the canonical aarti name, its opening line, meaning and a respectful daily practice together for devotees and families.

RaghunathRaghavSita Ram
Devotional artwork for Shri Ram aartiA quiet space for prayer, gratitude and remembrance
Famous traditional aartiTitle + opening

Shri Ram Chandra Kripalu

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन, हरण भवभय दारुणम्

यहाँ पारंपरिक शीर्षक, प्रचलित मुखड़ा और एक प्रचलित मंत्र/लघु-आवाहन का संदर्भ दिया गया है। पूर्ण पाठ और मंत्र-पाठ परिवार, मंदिर, संप्रदाय और क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं।
Mantra

श्री राम मंत्र

ॐ श्री रामाय नमः

साफ और शांत स्थान पर अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21 या 108 बार जप करें।
Chalisa / भक्ति रचनाOriginal composition

श्री राम के लिए मौलिक 40-पद भक्ति रचना

श्री राम का स्मरण कर, मन में जागे प्रकाश।

भक्ति, सेवा, सत्य से, जीवन हो उल्लास॥

करुणा की छाया मिले, दृढ़ हो मेरा मान।

मंगल पथ पर साथ दो, स्वीकारो यह गान॥

1. श्री राम, मर्यादा के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

2. तेरे स्मरण से सत्य जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

3. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

कर्तव्य का दीप हृदय में धारूँ॥

4. कर्म-पथ पर देना सहारा।

श्री राम, तुम हो एकमात्र हमारा॥

5. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

6. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

7. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

8. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

9. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

10. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

11. श्री राम, कर्तव्य के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

12. तेरे स्मरण से करुणा जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

13. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

मर्यादा का दीप हृदय में धारूँ॥

14. कर्म-पथ पर देना सहारा।

श्री राम, तुम हो एकमात्र हमारा॥

15. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

16. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

17. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

18. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

19. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

20. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

21. श्री राम, मर्यादा के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

22. तेरे स्मरण से सत्य जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

23. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

कर्तव्य का दीप हृदय में धारूँ॥

24. कर्म-पथ पर देना सहारा।

श्री राम, तुम हो एकमात्र हमारा॥

25. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

26. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

27. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

28. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

29. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

30. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

31. श्री राम, कर्तव्य के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

32. तेरे स्मरण से करुणा जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

33. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

मर्यादा का दीप हृदय में धारूँ॥

34. कर्म-पथ पर देना सहारा।

श्री राम, तुम हो एकमात्र हमारा॥

35. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

36. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

37. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

38. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

39. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

40. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

तन-मन-वचन सुधरें सभी, रहे सरल व्यवहार।

श्री राम, चरणों में अर्पित यह, मेरा छोटा प्यार॥

यह Bharat Metro Locator के लिए लिखी गई मौलिक भक्ति-रचना है। यह किसी पारंपरिक या सर्वमान्य चालीसा का दावा नहीं करती; पाठक अपने परिवार, मंदिर या गुरु की प्रमाणित परंपरा को प्राथमिकता दें।
Meaning

What this prayer remembers

Shri Ram devotion points to courage guided by duty, compassion, truth and respect for relationships.

Simple puja vidhi

How to read the aarti

Recite calmly, remember the values behind the story, and choose a truthful or considerate action in the same day.

  1. Prepare a clean, calm place and light a diya safely.
  2. Take a breath, remember the deity and recite the traditional opening with attention.
  3. Close with gratitude and carry one value from the prayer into the day.
When to read

Aarti for the right moment

Read during Ram Navami, evening family puja and whenever a reminder of maryada and duty is needed.

Common questions
What is the traditional aarti for Shri Ram?

Shri Ram Chandra Kripalu is the traditional aarti title most commonly associated with this devotional form. Regional families may sing a different local version.

When should I read Shri Ram Ji Ki Aarti?

Read during Ram Navami, evening family puja and whenever a reminder of maryada and duty is needed.

What is the meaning of Shri Ram Ji Ki Aarti?

Shri Ram devotion points to courage guided by duty, compassion, truth and respect for relationships.